top of page
Blog


नादब्रह्म: संगीत और चेतना का दिव्य मिलन
नादब्रह्म: संगीत और चेतना का दिव्य मिलन से जानें भारतीय संगीत की आध्यात्मिक गहराई और ब्रह्मांडीय व्यापकता। नादब्रह्म: संगीत और चेतना का दिव्य मिलन का अन्वेषण करें।
भारतीय संस्कृति में संगीत केवल मनोरंजन का साधन नहीं, बल्कि आत्म-साक्षात्कार और ईश्वर प्राप्ति का एक मार्ग माना गया है। प्राचीन ऋषियों और शास्त्रकारों ने ध्वनि (Sound) को 'ब्रह्म' का स्वरूप माना है। इसी दार्शनिक पक्ष को १३वीं शताब्दी के महान संगीतज्ञ पंडित श्राङ्गदेव ने अपने ग्रंथ 'सङ्गीतरत्नाकर' के मंगलाचर

Dr.Madhavi Srivastava
31 मार्च4 मिनट पठन


“नास्ति तेषु जातिविद्यारूपकुलधनक्रियादिभेदः”भक्ति में समता का सिद्धांत
भक्ति-दृष्टि में आध्यात्मिक सिद्धि कोई सामाजिक उपलब्धि नहीं, अपितु आंतरिक आत्मनिवेदन की परिणति है। जो साधक अपने समस्त अस्तित्व को ईश्वर के प्रति समर्पित कर देता है, जो निरंतर प्रेमपूर्वक उनका स्मरण करता है, और जिसका मन दिव्य चिंतन में निमग्न हो जाता है, वही भक्ति रूपी दुर्लभ रत्न का अधिकारी बनता है। इतिहास और पवित्र आख्यानों में ऐसे अनेक प्रेरणादायक उदाहरण उपलब्ध हैं, जो इस सत्य की पुष्टि करते हैं। अल्पकुल में जन्मे निषाद, कसाई सदन, सरल हृदया शबरी, बालक ध्रुव, तथाकथित राक्षस

Dr.Madhavi Srivastava
15 मार्च5 मिनट पठन


भारतीय भक्ति परंपरा : एक जीवित दर्शन
भारतीय भक्ति परंपरा को केवल भावुक भक्ति या काव्यात्मक अभिव्यक्ति तक सीमित नहीं किया जा सकता। यह मध्यकालीन भारत में उदित एक क्रांतिकारी आध्यात्मिक आंदोलन था, जिसने उस समय के दार्शनिक, सामाजिक और धार्मिक वातावरण को गहराई से प्रभावित किया।
बारहवीं से सत्रहवीं शताब्दी के बीच विकसित इस आंदोलन ने कठोर कर्मकांडों की अनिवार्यता को चुनौती दी, जाति-व्यवस्था की ऊँच-नीच पर प्रश्न उठाया, और आध्यात्मिक साधना को केवल बौद्धिक चिंतन से हटाकर प्रत्यक्ष अनुभव और अंतर्मन की अनुभूति की ओर मोड़ दि

Dr.Madhavi Srivastava
7 मार्च9 मिनट पठन


कमल की तरह जीना सीखें: काम के तनाव और असफलता के डर से मुक्ति का दिव्य मार्ग
आज की सबसे बड़ी समस्या 'परिणाम की चिंता' (Anxiety of Results) और 'अहंकार' (The Ego of Doership) है। हम काम इसलिए नहीं करते कि वह हमारा कर्तव्य है, बल्कि इसलिए करते हैं क्योंकि हमें उससे कुछ चाहिए—नाम, पैसा या फेम। और जब नतीजा वैसा नहीं मिलता जैसा हमने सोचा था, तो हम टूट जाते हैं। हम 'पाप' या गलतियों के डर से इतने सहमे रहते हैं कि कठिन फैसले लेने से कतराते हैं। हम दुनिया के 'पानी' में पूरी तरह भीग चुके हैं, यानी सांसारिक तनाव हमारे भीतर तक समा गया है।

Dr.Madhavi Srivastava
12 फ़र॰3 मिनट पठन


ध्यान का विज्ञान
आज कई साधक स्वयं से पूछते हैं, "मैं ध्यान कैसे करूँ?" मन बेचैनी से भटकता रहता है, एक विचार से दूसरे विचार में भागता रहता है, चिंताओं, स्मृतियों या इच्छाओं से चिपका रहता है। वेदों से लेकर भगवद्गीता तक, युगों-युगों से शास्त्र एक सरल किन्तु गहन उत्तर देते हैं: ईश्वर का ध्यान करो। मन को ईश्वर पर स्थिर करने से असंभव भी संभव हो जाता है और अप्राप्य भी साध्य हो जाता है। इस अभ्यास को रूप-ध्यान, या ईश्वर के स्वरूप का ध्यान कहते हैं।
पवित्र ग्रंथों के परिदृश्य में, एक शिक्षा अत्यंत स्पष

Dr.Madhavi Srivastava
10 फ़र॰7 मिनट पठन


स्कंद: दिव्य योद्धा की उत्पत्ति और वीरता की गाथा
स्कंद: दिव्य योद्धा की उत्पत्ति और वीरता की गाथा- जानिए भगवान स्कंद की रहस्यमयी उत्पत्ति, प्रशिक्षण और तारकासुर के वध तक की अद्भुत कथा।एक दिव्य योद्धा की कहानी।

Dr.Madhavi Srivastava
13 अग॰ 20255 मिनट पठन


घर पर अनिद्रा का इलाज करने के प्राकृतिक उपाय
अनिद्रा सबसे आम नींद संबंधी विकारों में से एक है, जो दुनिया भर में लाखों लोगों को प्रभावित करता है। सोने में कठिनाई, सोते रहने में कठिनाई, या बहुत जल्दी जाग जाना शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य दोनों को नुकसान पहुँचा सकता है। शुक्र है, कई घरेलू उपाय बिना किसी दवा के अनिद्रा से निपटने में मदद कर सकते हैं। आइए, प्राकृतिक रूप से आपकी नींद में सुधार के व्यावहारिक उपायों पर गौर करें।
घर पर अनिद्रा का इलाज करने के प्राकृतिक उपाय
घर पर अनिद्रा का इलाज करने के प्राकृतिक उपाय। हर्बल चाय,

Dr.Madhavi Srivastava
7 अग॰ 20255 मिनट पठन


कबीर का सन्देश: बाहरी आडंबर से परे सच्ची भक्ति का मार्ग
कबीरदास जी का जन्म 15वीं शताब्दी में हुआ था। वे एक संत, कवि और समाज सुधारक थे। उनका जीवन साधारण था, लेकिन उनकी सोच और उनके उपदेश समाज को जाग

Dr.Madhavi Srivastava
19 सित॰ 20246 मिनट पठन


ध्यान का जादू और मुक्ति: तनाव से आत्म-साक्षात्कार तक
ध्यान, जिसे मेडिटेशन भी कहा जाता है, हमारे मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। यह हमारे जीवन में शांति, संतुलन और आत्म-

Dr.Madhavi Srivastava
7 जुल॰ 20249 मिनट पठन
bottom of page