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ध्यान का विज्ञान
आज कई साधक स्वयं से पूछते हैं, "मैं ध्यान कैसे करूँ?" मन बेचैनी से भटकता रहता है, एक विचार से दूसरे विचार में भागता रहता है, चिंताओं, स्मृतियों या इच्छाओं से चिपका रहता है। वेदों से लेकर भगवद्गीता तक, युगों-युगों से शास्त्र एक सरल किन्तु गहन उत्तर देते हैं: ईश्वर का ध्यान करो। मन को ईश्वर पर स्थिर करने से असंभव भी संभव हो जाता है और अप्राप्य भी साध्य हो जाता है। इस अभ्यास को रूप-ध्यान, या ईश्वर के स्वरूप का ध्यान कहते हैं।
पवित्र ग्रंथों के परिदृश्य में, एक शिक्षा अत्यंत स्पष

Dr.Madhavi Srivastava
10 फ़र॰7 मिनट पठन


ध्यान का जादू और मुक्ति: तनाव से आत्म-साक्षात्कार तक
ध्यान, जिसे मेडिटेशन भी कहा जाता है, हमारे मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। यह हमारे जीवन में शांति, संतुलन और आत्म-

Dr.Madhavi Srivastava
7 जुल॰ 20249 मिनट पठन
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